भारत की 16वीं जनगणना (2027) पूरी तरह से डिजिटल होगी। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में आयोजित एक समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस बार नागरिकों को ‘सेल्फ एन्युमरेशन’ (स्व-गणना) का विकल्प मिलेगा, यानी लोग स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी भर सकेंगे। यूपी में मकान सूचीकरण का कार्य 22 मई से 20 जून 2025 तक चलेगा, जबकि मुख्य जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी। इसमें जीआईएस (GIS) आधारित मानचित्रों का उपयोग किया जाएगा। परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर और व्याख्या:प्रश्न 1: भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना किस वर्ष आयोजित की जाएगी?उत्तर: वर्ष 2027 में।व्याख्या:
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गूगल का ‘डिजीकवच’ अभियान: अब साइबर ठगों की खैर नहीं! यूपी के सीतापुर में वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग
जैसे-जैसे डिजिटल इंडिया का विस्तार हो रहा है, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से हमारे वरिष्ठ नागरिक इन शातिर अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए, गूगल (Google) अपने प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘डिजीकवच’ (DigiKavach) के तहत उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक विशेष वेबिनार का आयोजन करने जा रहा है। ‘सच के साथी’ अभियान का उद्देश्य: 20 जनवरी को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को ‘वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा: सच के साथी’ अभियान के अंतर्गत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य बुजुर्गों को
सिंधु जल संधि और पानी’ का विवाद: क्या भारत वास्तव में पाकिस्तान की प्यास रोक सकता है
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हालिया बयानों ने एक बार फिर 1960 की ‘सिंधु जल संधि’ (IWT) को चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के विरोध में भारत ने इस संधि को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या भौगोलिक और तकनीकी रूप से भारत के पास पाकिस्तान का पानी रोकने की वास्तविक शक्ति है? संधि और भूगोल की हकीकत: 1960 की संधि के तहत भारत को केवल 20% पानी (पूर्वी नदियाँ- रावी, ब्यास, सतलुज) मिला, जबकि 80% पानी (पश्चिमी नदियाँ- सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को मिला। भूगोल
शराब नीति और राजस्व का गणित: क्या पब्लिक हेल्थ और कमाई के बीच संतुलन संभव है? जानें एक्सपर्ट की राय
नए साल के जश्न के साथ ही एक बार फिर ‘शराब नीति’ पर बहस छिड़ गई है। शराब कई राज्यों के लिए राजस्व (Revenue) का सबसे बड़ा स्रोत है, लेकिन इसके सामाजिक नुकसान (सड़क दुर्घटनाएं, स्वास्थ्य समस्याएं) भी कम नहीं हैं। राज्यों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे शराब को ‘कमाई का जरिया’ मानें या एक ‘विनियमित सामाजिक बुराई’। एथिल अल्कोहल आधारित कराधान: अर्थशास्त्र का सिद्धांत (Pigouvian principle) कहता है कि किसी वस्तु पर टैक्स उसके द्वारा होने वाले नुकसान के अनुपात में होना चाहिए। वर्तमान में भारत में बीयर (कम नशीली) पर टैक्स, हार्ड स्पिरिट (व्हिस्की
मिशन 8% ग्रोथ: अगले 20 साल तक कैसे बनी रहेगी भारत की रफ्तार? इन 5 मोर्चों पर जीत है जरूरी!
भारत ने चालू वर्ष की पहली छमाही में 8% की शानदार विकास दर हासिल की है, जिसने दुनिया को चौंका दिया है। लेकिन चुनौती इस आंकड़े पर जश्न मनाने की नहीं, बल्कि इसे अगले दो दशकों तक लगातार बनाए रखने की है। जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों ने ही ऐसा ऐतिहासिक कारनामा किया है। भारत अब उस मुकाम पर है जहाँ से वह ‘मिडिल-इनकम ट्रैप’ से बाहर निकलकर 2047 तक ‘विकसित भारत’ बन सकता है। शहरी और औद्योगिक सुधार: भारत की विकास दर को बनाए रखने के लिए शहरों को ‘ग्रोथ इंजन’ बनाना होगा। ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के

