बिजली बिलों की चिंता अब बीते दिनों की बात होने वाली है। मुजफ्फरपुर के रामदयालु में आयोजित ‘सोलर मेला’ प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुँचाने का एक बड़ा माध्यम बना है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों को मुफ्त बिजली का उपहार देना भी है।
सब्सिडी का गणित: सोलर मेले में उपभोक्ताओं को सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यदि आप अपने घर की छत पर 1 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाते हैं, तो आपको ₹30,000 की सब्सिडी मिलेगी। 2 किलोवाट पर ₹60,000 और 3 किलोवाट पर अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी देय है। यदि आप 3 किलोवाट से अधिक (जैसे 5 या 10 किलोवाट) का कनेक्शन भी लेते हैं, तो भी भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली अधिकतम ऑन-ग्रिड सब्सिडी ₹78,000 ही रहेगी।
बैंकों की भूमिका और डीएम के निर्देश: जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सोलर लोन के आवेदनों को बिना ठोस कारण के रद्द न किया जाए। यदि कोई बैंक आवेदन रद्द करता है, तो उसे लिखित कारण बताना होगा। इससे उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पास सोलर लगवाने के लिए एकमुश्त राशि (लगभग ₹1.8 लाख से ₹2 लाख) नहीं है। मेले में 50 से अधिक एजेंसियों ने अपने स्टॉल लगाए, जहाँ लोगों को तकनीक और लागत के बारे में समझाया गया।
फायदा: इस योजना से उपभोक्ता न केवल अपने घर की बिजली बचाएंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर सकेंगे। वाणिज्यिक (Commercial) उपभोक्ताओं के लिए दरें अलग रखी गई हैं, जो लगभग ₹35,000 से ₹40,000 प्रति केवी है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 3 किलोवाट के सोलर पैनल पर अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलती है? उत्तर: ₹78,000।
प्रश्न 2: 1 किलोवाट और 2 किलोवाट के सोलर कनेक्शन पर मिलने वाली सब्सिडी क्रमशः कितनी है? उत्तर: ₹30,000 और ₹60,000।
प्रश्न 3: मुजफ्फरपुर में सोलर मेले का उद्घाटन किस अधिकारी द्वारा किया गया? उत्तर: जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन।
प्रश्न 4: क्या 3 किलोवाट से अधिक का सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी की राशि ₹78,000 से अधिक बढ़ सकती है? उत्तर: नहीं, अधिकतम सब्सिडी सीमा ₹78,000 ही निर्धारित है।
