उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से का कायाकल्प होने जा रहा है। गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ‘नमो भारत’ रैपिड रेल चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। ₹20,360.25 करोड़ की लागत वाली इस विशाल परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) अब आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय की स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
रूट और स्टेशनों का विवरण: यह कॉरिडोर 72.44 किमी लंबा होगा और इस पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह रूट गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नॉलेज पार्क-5, और कासना सूरजपुर मार्ग होते हुए सीधे एयरपोर्ट तक पहुँचेगा। इस परियोजना की सबसे अनूठी बात यह है कि इसमें 11 स्टेशन रैपिड रेल के होंगे और 11 स्टेशन मेट्रो के होंगे, जिन्हें एकीकृत (Integrate) किया जाएगा।
कनेक्टिविटी का संगम: इस रैपिड रेल के आने से दिल्ली का आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आपस में जुड़ जाएंगे। सूरजपुर में एक बड़ा जंक्शन बनेगा जहाँ गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर भी आकर मिलेगा। इसके अलावा, नोएडा सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक की एक्वा मेट्रो को भी इसी रैपिड रेल ट्रैक पर चलाने की योजना है, जिससे अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले खर्च की बचत होगी।
समय सीमा: परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके पूरा होने में लगभग 5 साल का समय लगेगा। जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह रैपिड रेल लाखों यात्रियों के सफर को आसान और तेज बना देगी।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी है? उत्तर: 72.44 किलोमीटर।
प्रश्न 2: इस रैपिड रेल परियोजना की अनुमानित लागत कितनी तय की गई है? उत्तर: ₹20,360.25 करोड़।
प्रश्न 3: नमो भारत रैपिड रेल का मुख्य जंक्शन कहाँ बनेगा जहाँ अन्य कॉरिडोर भी जुड़ेंगे? उत्तर: सूरजपुर (ग्रेटर नोएडा)।
प्रश्न 4: इस कॉरिडोर पर कुल कितने स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है? उत्तर: 22 स्टेशन।
