उत्तर प्रदेश में गरीब और बेघर परिवारों के लिए अपना ‘पक्का घर’ पाने का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 जनवरी को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। वे एक साथ 2 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में घर निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में ₹1-1 लाख की राशि सीधे ट्रांसफर करेंगे।
पारदर्शी वितरण प्रणाली (DBT): मुख्यमंत्री योगी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। पूरी प्रक्रिया ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए होगी, जिसका मतलब है कि बिना किसी बिचौलिए के पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुँचेगा। 1.5 हजार लाभार्थी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहेंगे, जबकि लाखों अन्य जिलों से ऑनलाइन जुड़ेंगे।
योजना का प्रभाव: पीएम आवास योजना के तहत पहली किस्त मिलते ही लाभार्थियों के घरों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार कच्चे मकान में न रहे। मुख्यमंत्री इस दौरान लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे ताकि योजना की जमीनी हकीकत और पारदर्शिता को परखा जा सके।
मिशन मोड में कार्य: उत्तर प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नगर विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किस्त जारी होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़ी नजर रखी जाए।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: 18 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किस योजना के तहत लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करेंगे? उत्तर: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)।
प्रश्न 2: प्रत्येक लाभार्थी के खाते में पहली किस्त के रूप में कितनी राशि भेजी जाएगी? उत्तर: ₹1 लाख।
प्रश्न 3: पीएम आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन के लिए कौन सा केंद्रीय मंत्रालय जिम्मेदार है? उत्तर: आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)।
प्रश्न 4: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह किस्त किस माध्यम से ट्रांसफर की जा रही है? उत्तर: डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर)।
