मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानमंडल के दोनों सदनों से अपना 10वां बजट सफलतापूर्वक पारित करा लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह बजट कुल 9,12,696.35 करोड़ रुपये का है, जो राज्य के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने के उद्देश्य से पेश किया गया है। विनियोग विधेयक के पारित होने के साथ ही 10 दिवसीय बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधायी कार्य और प्रश्नकाल:
इस सत्र के दौरान सरकार ने विनियोग विधेयक सहित कुल छह विधेयक पारित कराए। इनमें राज्य विश्वविद्यालय संशोधन, नगर निगम और नगर पालिका संशोधन, तथा राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक प्रमुख रूप से शामिल हैं। संसदीय कार्यवाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो विधानसभा में कुल 2427 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 95% से अधिक ऑनलाइन माध्यम से मिले थे। सदन की कुल कार्यवाही 75.08 घंटे चली, जिसमें व्यवधान का समय मात्र 2.23 मिनट रहा, जो बेहतर कार्यक्षमता को दर्शाता है।
कर्मचारियों को सौगात:
सत्र के अंतिम दिन वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा और संसदीय कार्य विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। बजट सत्र के सफल संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का मानदेय ₹16,500 से बढ़ाकर ₹17,500 कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए मोबाइल रिचार्ज भत्ता ₹150 से बढ़ाकर ₹250 प्रति माह कर दिया गया है।
महत्वपूर्ण बहुविषय प्रश्न (MCQs)
1. योगी सरकार द्वारा पारित 10वें बजट की कुल अनुमानित राशि कितनी है?
A) ₹7,00,000 करोड़
B) ₹9,12,696.35 करोड़
C) ₹8,50,000 करोड़
D) ₹6,90,000 करोड़
उत्तर: B) ₹9,12,696.35 करोड़
व्याख्या: यह उत्तर प्रदेश के इतिहास के सबसे बड़े बजटों में से एक है, जिसे वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पारित किया गया है।
2. बजट सत्र 2026 के दौरान कुल कितने विधेयक विधानमंडल द्वारा पारित किए गए?
A) 4 विधेयक
B) 10 विधेयक
C) 6 विधेयक
D) 8 विधेयक
उत्तर: C) 6 विधेयक
व्याख्या: विनियोग विधेयक के साथ विश्वविद्यालय और नगर निकाय संशोधनों सहित कुल 6 कानूनी प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
3. विधानसभा बजट सत्र के दौरान कुल कितने घंटे सदन की कार्यवाही संचालित हुई?
A) 50 घंटे
B) 75.08 घंटे
C) 100 घंटे
D) 60.5 घंटे
उत्तर: B) 75.08 घंटे
व्याख्या: 10 दिवसीय सत्र में रिकॉर्ड 75 घंटे से अधिक चर्चा और विधायी कार्य संपन्न हुए।
4. विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों के मानदेय को बढ़ाकर अब कितना कर दिया गया है?
A) ₹15,000
B) ₹16,500
C) ₹17,500
D) ₹20,000
उत्तर: C) ₹17,500
व्याख्या: पिछले वर्ष यह ₹16,500 था, जिसमें इस वर्ष ₹1000 की वृद्धि की गई है।
