प्रयागराज (इलाहाबाद) के रेल यात्रियों के लिए साल 2026 की शुरुआत किसी उत्सव से कम नहीं रही है। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती मांग और आगामी त्योहारों को देखते हुए दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों की घोषणा की है। ये ट्रेनें आधुनिक ‘पुश-पुल’ तकनीक पर आधारित हैं, जो न केवल गति प्रदान करती हैं बल्कि यात्रियों को कम झटकों के साथ एक आरामदायक सफर का अनुभव भी कराती हैं।
पहली ट्रेन, सिलीगुड़ी-पनवेल अमृत भारत एक्सप्रेस, पूरब और पश्चिम भारत के बीच एक मजबूत कड़ी बनेगी। 17 जनवरी को सिलीगुड़ी से रवाना होकर यह ट्रेन प्रयागराज छिवकी के रास्ते मुंबई के करीब पनवेल तक जाएगी। यह उन श्रमिकों और व्यापारियों के लिए एक वरदान है जो अक्सर मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा करते हैं। दूसरी ट्रेन, कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस, 18 जनवरी को असम से चलेगी। यह ट्रेन प्रयागराज के मुख्य स्टेशनों—रामबाग और जंक्शन—दोनों पर रुकेगी, जिससे दिल्ली और हरियाणा की ओर जाने वाले यात्रियों को एक किफायती विकल्प मिलेगा।
अमृत भारत ट्रेनों की डिजाइन विशेष रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है जो स्लीपर और सामान्य श्रेणी में यात्रा करते हैं। इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, हर सीट पर चार्जिंग पॉइंट और आधुनिक शौचालय की सुविधा दी गई है। प्रयागराज के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, इन ट्रेनों के नियमित होने से संगम नगरी के पर्यटन और व्यापार को एक नई रफ़्तार मिलेगी, खासकर कुंभ जैसे आयोजनों के दौरान यह रेलवे की क्षमता को दोगुना कर देगा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: हाल ही में प्रयागराज के रास्ते शुरू की गई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ किन दो प्रमुख शहरों (पूरब और पश्चिम) को जोड़ती है? उत्तर: सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) और पनवेल (महाराष्ट्र)।
प्रश्न 2: अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें किस तकनीकी आधार पर चलती हैं जो उन्हें अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों से अलग बनाती है? उत्तर: पुश-पुल तकनीक (जिसमें आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन होते हैं)।
प्रश्न 3: कामाख्या-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस प्रयागराज के किन दो प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी? उत्तर: प्रयागराज रामबाग और प्रयागराज जंक्शन।
प्रश्न 4: अमृत भारत एक्सप्रेस मुख्य रूप से किस श्रेणी के यात्रियों को ध्यान में रखकर शुरू की गई एक ‘गैर-एसी’ ट्रेन सेवा है? उत्तर: सामान्य (General) और शयनयान (Sleeper) श्रेणी के यात्रियों के लिए।
