ब्रह्मांड का गहरा राज आया सामने! NASA ने पहली बार देखा मरे हुए तारे के अंदर का नजारा, चौंक गए दुनिया भर के वैज्ञानिक

अंतरिक्ष की गहराइयों में छिपे रहस्यों को खोजने की दिशा में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) को एक ऐसी कामयाबी मिली है, जिसने विज्ञान की दुनिया में हलचल मचा दी है। नासा ने पहली बार एक ‘व्हाइट ड्वार्फ’ (सफेद बौने तारे) के आंतरिक ढांचे और उसकी भौतिक बनावट को इतने करीब से देखा है, जितना पहले कभी संभव नहीं था। यह खोज न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि इससे तारों के जीवन और मृत्यु को समझने का नजरिया भी बदल गया है।

क्या है यह अद्भुत खोज? नासा के इमेजिंग एक्स-रे पोलरिमेट्री एक्सप्लोरर (IXPE) ने पृथ्वी से करीब 200 प्रकाश वर्ष दूर ‘हाइ़ड्रा’ (Hydra) तारामंडल में स्थित EX Hydrae नाम के एक सिस्टम का बारीकी से अध्ययन किया है। दरअसल, यह एक ऐसा मृत तारा है जो अपने साथी तारे से गैस खींच रहा है। इस प्रक्रिया में इतनी ऊर्जा पैदा होती है कि वहां से शक्तिशाली एक्स-रे निकलती हैं।

एक्स-रे ने खोले राज: कैसे काम करता है IXPE? अभी तक वैज्ञानिक सिर्फ तारों की चमक मापते थे, लेकिन IXPE ने एक्स-रे के ‘पोलराइजेशन’ (ध्रुवीकरण) को मापा है। इससे वैज्ञानिकों को यह पता चला कि तारे के भीतर गैस कैसे घूम रही है और प्रकाश कैसे बिखर रहा है।

खोज की मुख्य बातें:

  • गैस का विशाल खंभा: वैज्ञानिकों ने पाया कि इस तारे की सतह के ऊपर लगभग 2,000 मील ऊंची सुपरहीटेड गैस की एक मीनार जैसी संरचना बनी हुई है।
  • परावर्तन (Reflection): डेटा से पता चला कि एक्स-रे अंतरिक्ष में जाने से पहले तारे की सतह से टकराकर वापस लौटती हैं।
  • अतुलनीय सटीकता: इस तकनीक की मदद से अब बिना किसी पुराने अनुमान के, सीधे डेटा के आधार पर तारों की बनावट को समझा जा सका है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी फैक्ट्स (Important Facts):

  • व्हाइट ड्वार्फ क्या हैं?: ये सूरज जैसे तारों के मरने के बाद बचे हुए उनके अवशेष (Remnants) होते हैं। इनका आकार पृथ्वी जैसा होता है, लेकिन वजन सूरज के बराबर।
  • IXPE मिशन: यह नासा का एक टेलिस्कोप है जो एक्स-रे की तीव्रता के बजाय उनके ‘ध्रुवीकरण’ को मापता है।
  • Intermediate Polar: EX Hydrae इसी श्रेणी में आता है, जहाँ तारे का चुंबकीय क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है।
  • हाइ़ड्रा तारामंडल: यह सिस्टम अंतरिक्ष के हाइ़ड्रा नक्षत्र में स्थित है।

भविष्य की राह: ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स पर नजर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन ने यह साबित कर दिया है कि हम उन चीजों को भी ‘देख’ सकते हैं जो हमसे अरबों मील दूर हैं। अब इसी तकनीक का इस्तेमाल ब्लैक होल और न्यूट्रॉन स्टार्स जैसे खतरनाक और रहस्यमयी पिंडों को समझने के लिए किया जाएगा।

यह खोज बताती है कि ब्रह्मांड जितना हम जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा अद्भुत और जटिल है।

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