भारत को एक ‘गैस-आधारित अर्थव्यवस्था’ बनाने का सपना फिलहाल चुनौतियों के भंवर में फंसता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्ष्य रखा था कि 2030 तक देश के कुल ऊर्जा मिश्रण (Energy Mix) में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 7% से बढ़ाकर 15% किया जाएगा। लेकिन ताज़ा आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
ऊंची कीमतों ने लगाई गैस की खपत पर लगाम क्रिसिल (CRISIL) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच भारत में प्राकृतिक गैस की खपत में 4.6% की गिरावट देखी गई है। जहाँ पिछले साल इसी दौरान हम रोजाना 200 MMSCMD गैस इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं अब यह घटकर 190 MMSCMD रह गई है। सरकारी संस्था PPAC के आंकड़े तो और भी डराने वाले हैं, जो इस गिरावट को 8.6% बता रहे हैं।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची हलचल। एलएनजी (LNG) की कीमतें पिछले साल के मुकाबले करीब 34% बढ़ गई हैं। जब गैस इतनी महंगी हो, तो बिजली बनाना घाटे का सौदा साबित होने लगता है।
बिजली संयंत्रों पर पड़ा सबसे बुरा असर भारत में लगभग 25,000 मेगावाट क्षमता के ऐसे बिजली प्लांट हैं जो गैस से चलते हैं। लेकिन आज हालात ये हैं कि ये प्लांट ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहे हैं। विदेशी गैस की कीमत 13 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुँच गई है। इतनी महंगी गैस से बनी बिजली को खरीदने वाला कोई नहीं है, जिसके कारण कंपनियां इन प्लांट्स को चलाने से कतरा रही हैं। ऊपर से इस बार मानसून जल्दी आने की वजह से गर्मियों में कूलिंग की मांग भी उम्मीद से कम रही, जिससे बिजली घरों में गैस की जरूरत और घट गई।
आम आदमी के लिए राहत की बात: सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन में उछाल भले ही पावर सेक्टर में मंदी हो, लेकिन आपके और हमारे घरों तक पहुँचने वाली गैस के मामले में अच्छी खबर है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर में 8.8% की बढ़त दर्ज की गई है। देशभर में सीएनजी (CNG) स्टेशनों का जाल बिछने और घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन बढ़ने से इस सेक्टर की हिस्सेदारी कुल खपत में 23% तक पहुँच गई है।
क्या 15% का लक्ष्य हासिल हो पाएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची कीमतें और घरेलू उत्पादन में धीमी बढ़त भारत के लिए बड़ी चुनौती है। अगर हमें 2030 तक 15% का लक्ष्य पाना है, तो न सिर्फ कीमतों पर काबू पाना होगा बल्कि बुनियादी ढांचे को भी और मजबूत करना होगा। फिलहाल, गैस आधारित अर्थव्यवस्था की राह थोड़ी पथरीली नजर आ रही है।
