हंटिंगटन रोग: लाइलाज बीमारी के खिलाफ बड़ी कामयाबी, ‘जीन थेरेपी’ से अब संभव होगा न्यूरोलॉजिकल इलाज!

हंटिंगटन रोग (Huntington’s Disease – HD) एक ऐसा न्यूरोलॉजिकल विकार है जिसे दशकों से लाइलाज माना जाता रहा है। यह बीमारी न केवल शारीरिक गतिविधियों को प्रभावित करती है, बल्कि इंसान की सोचने की क्षमता और मानसिक संतुलन को भी खत्म कर देती है। लेकिन, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के शोधकर्ताओं की एक नई खोज ने करोड़ों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है।

जेनेटिक आधार और लक्षण: हंटिंगटन रोग का मुख्य कारण ‘HTT’ जीन में ‘CAG DNA’ का असामान्य रूप से बढ़ना है। एक स्वस्थ व्यक्ति में ये 35 से कम बार दोहराए जाते हैं, लेकिन यदि इनकी संख्या 39 से अधिक हो जाए, तो हंटिंगटन रोग होना तय है। यह बीमारी आमतौर पर 30 से 50 वर्ष की आयु में शुरू होती है और मस्तिष्क के ‘स्ट्रिएटम’ (Striatum) हिस्से को सबसे पहले नुकसान पहुँचाती है, जो शरीर के नियंत्रण के लिए जिम्मेदार होता है।

जीन थेरेपी: AMT-130 का जादू: शोध में एक नई जीन थेरेपी ‘AMT-130’ के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। यह थेरेपी मस्तिष्क में जहरीले ‘म्यूटेंट हंटिंग्टन प्रोटीन’ के उत्पादन को कम करती है। तीन साल के परीक्षण के दौरान देखा गया कि जिन मरीजों को यह थेरेपी दी गई, उनके संज्ञानात्मक (Cognitive) गिरावट की दर धीमी हो गई और मस्तिष्क की कोशिकाओं का क्षय कम हुआ।

जल्द पहचान से बेहतर इलाज: विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस बीमारी का पता शारीरिक लक्षण दिखने से पहले ही चल जाए, तो इलाज के नतीजे और भी बेहतर हो सकते हैं। आने वाले वर्षों में, यह थेरेपी हंटिंगटन रोग को केवल प्रबंधित करने के बजाय पूरी तरह से रोकने या रिवर्स करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)

प्रश्न 1: हंटिंगटन रोग (HD) मस्तिष्क के किस हिस्से को सबसे पहले प्रभावित करता है? उत्तर: स्ट्रिएटम (Striatum)।

प्रश्न 2: किस जीन में ‘CAG’ रिपीट विस्तार के कारण हंटिंगटन रोग होता है? उत्तर: हंटिंग्टन (HTT) जीन।

प्रश्न 3: हाल ही में किस नई जीन थेरेपी ने हंटिंगटन रोग के इलाज में आशाजनक परिणाम दिखाए हैं? उत्तर: AMT-130।

प्रश्न 4: हंटिंगटन रोग के होने के लिए CAG डीएनए रिपीट की संख्या कितनी होनी चाहिए? उत्तर: 39 से अधिक।

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