हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भांग की नियंत्रित और वैज्ञानिक खेती के लिए नीति तैयार कर ली है। ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया कि इसके लिए जल्द ही विधानसभा में एक विधेयक लाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक, औषधीय और शोध (Research) कार्यों के लिए भांग का उपयोग करना है।
भांग की खेती पूरी तरह से लाइसेंस प्रणाली के तहत होगी ताकि इसके दुरुपयोग को रोका जा सके। सरकार उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान करेगी और उत्पादन की ‘ट्रेसेबिलिटी’ (निगरानी) सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी तंत्र विकसित करेगी। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य के राजस्व (Revenue) में भी वृद्धि होगी और औषधीय क्षेत्र में नए निवेश के अवसर खुलेंगे।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर और व्याख्या:
प्रश्न 1: किस राज्य सरकार ने भांग की वैज्ञानिक खेती के लिए विधानसभा में विधेयक लाने की घोषणा की है?
- उत्तर: हिमाचल प्रदेश।
- व्याख्या: उत्तराखंड के बाद अब हिमाचल भी औषधीय और औद्योगिक उपयोग के लिए भांग की खेती को वैध बनाने की राह पर है।
प्रश्न 3: हिमाचल की भांग नीति का मुख्य केंद्र क्या है?
- उत्तर: औद्योगिक और औषधीय उपयोग के लिए नियंत्रित खेती।
- व्याख्या: सरकार इसे केवल ड्रग्स के रूप में नहीं, बल्कि दवाओं और औद्योगिक उत्पादों के कच्चे माल के रूप में देख रही है।
