दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने भारत में अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फुटप्रिंट को बढ़ाने के लिए निवेश के एक नए दौर की घोषणा की है। यह विशाखापत्तनम में AI हब बनाने के 15 बिलियन डॉलर के मेगा प्लान का हिस्सा है। गूगल डीपमाइंड अब ‘अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन’ (ANRF) के साथ मिलकर भारतीय वैज्ञानिकों के लिए ‘AI-फॉर-साइंस’ मॉडल विकसित करेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में गूगल ने नीति आयोग के ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के साथ हाथ मिलाया है, जिसके तहत 10,000 से अधिक स्कूलों में जेनरेटिव AI टूल्स, कोडिंग और रोबोटिक्स को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए गूगल ने ‘अमेरिका-इंडिया कनेक्ट’ सबसी फाइबर-ऑप्टिक रूट की घोषणा की है, जो भारत को अमेरिका और दक्षिणी गोलार्ध से जोड़कर इंटरनेट डेटा स्पीड और कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। साथ ही, गूगल ने ग्लोबल AI चुनौतियों के लिए 60 मिलियन डॉलर देने और जलवायु प्रौद्योगिकियों के लिए एक विशेष केंद्र बनाने का भी वादा किया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर और व्याख्या:
प्रश्न 1: गूगल किस संस्था के साथ मिलकर भारत के 10,000 स्कूलों में AI टूल्स इंटीग्रेट करेगा?
- उत्तर: नीति आयोग (अटल इनोवेशन मिशन)।
- व्याख्या: इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों में कम उम्र से ही कोडिंग, रोबोटिक्स और जेनरेटिव AI की समझ विकसित करना है।
प्रश्न 2: ‘अमेरिका-इंडिया कनेक्ट’ पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- उत्तर: सबसी फाइबर-ऑप्टिक केबल के जरिए इंटरनेशनल डेटा कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना।
- व्याख्या: यह भारत को सीधे अमेरिका से जोड़ने वाला एक नया समुद्री केबल रूट है जो डेटा ट्रांसफर की गति बढ़ाएगा।
प्रश्न 3: गूगल डीपमाइंड ने ‘AI-फॉर-साइंस’ मॉडल के लिए किसके साथ साझेदारी की है?
- उत्तर: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF)।
- व्याख्या: यह साझेदारी शोधकर्ताओं को जटिल वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने के लिए आधुनिक AI मॉडल और मेंटरशिप प्रदान करेगी।
