आज हम खेती से लेकर इलाज तक हर काम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निर्भर होते जा रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण एआई प्रॉम्प्ट (जैसे ChatGPT से सवाल पूछना) का पर्यावरण पर क्या असर होता है? अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों से पता चला है कि “स्मार्ट” तकनीक के पीछे बिजली और पानी की भारी खपत का एक काला सच छिपा है, जो जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों को बढ़ा रहा है।
ऊर्जा की भारी खपत: एआई मॉडल को प्रशिक्षित (Train) करने और उन्हें चलाने के लिए विशाल कंप्यूटर सर्वरों की आवश्यकता होती है। ओईसीडी (OECD) की एक वर्किंग पेपर के अनुसार, वैश्विक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र पहले से ही दुनिया के कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का लगभग 1.8% से 2.8% हिस्सा पैदा करता है। इसमें एआई का योगदान तेजी से बढ़ रहा है।
पर्दे के पीछे का सच: गूगल जैसी बड़ी कंपनियों का दावा है कि एक टेक्स्ट-आधारित एआई सवाल केवल 0.24 वॉट-घंटे बिजली खर्च करता है। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि यह आंकड़ा भ्रामक है। यह केवल यूजर लेवल की बिजली है, जबकि एआई सिस्टम को ठंडा (Cooling) रखने के लिए लाखों गैलन पानी और चौबीसों घंटे चलने वाले डेटा सेंटरों की विशाल ऊर्जा खपत को इसमें नहीं जोड़ा जाता।
भारत के लिए चुनौती: भारत तेजी से अपनी एआई क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। ऐसे में ‘डिजिटल महत्वाकांक्षा’ और ‘पर्यावरण स्थिरता’ (Sustainability) के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि हमें अब ‘ग्रीन एआई’ (Green AI) की ओर बढ़ना चाहिए, जो कम ऊर्जा और कम कार्बन उत्सर्जन के साथ काम कर सके।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: वैश्विक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) क्षेत्र कुल वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग कितने प्रतिशत का योगदान देता है? उत्तर: 1.8% से 2.8% तक।
प्रश्न 2: एआई सिस्टम के पर्यावरणीय प्रभाव को मापने के लिए किस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने हाल ही में वर्किंग पेपर जारी किया है? उत्तर: ओईसीडी (OECD – आर्थिक सहयोग और विकास संगठन)।
प्रश्न 3: डेटा सेंटरों में एआई सिस्टम को ठंडा रखने के लिए बिजली के अलावा किस प्राकृतिक संसाधन का भारी मात्रा में उपयोग होता है? उत्तर: पानी (Water)।
प्रश्न 4: ‘ग्रीन एआई’ (Green AI) का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: एआई मॉडल की दक्षता बढ़ाना और उनके कार्बन फुटप्रिंट (ऊर्जा खपत) को कम करना।
