दिल्ली-देहरादून की दूरी अब पलक झपकते होगी खत्म! फरवरी में शुरू होने जा रहा है एक्सप्रेसवे, जानें क्या है नया अपडेट

दिल्ली वालों और उत्तराखंड की वादियों के शौकीनों के लिए साल 2026 की सबसे बड़ी खुशखबरी आ गई है! जिस दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इंतजार आप सालों से कर रहे थे, वह अब फरवरी में खुलने के लिए पूरी तरह तैयार है। अब आपको ट्रैफिक और संकरी सड़कों पर 6-7 घंटे बर्बाद करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यह सफर अब केवल ढाई घंटे में सिमट जाएगा।

देरी की वजह और अब क्या है तैयारी? एनएचएआई (NHAI) के सूत्रों की मानें तो देहरादून के आखिरी हिस्से में कुछ निर्माण कार्य बाकी होने के कारण उद्घाटन में थोड़ी देरी हुई है। लेकिन अब काम अपनी आखिरी स्टेज पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मेगा प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। 210 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा बल्कि आपके सफर के अहसास को भी बदल देगा।

चार फेज में तैयार हुआ है यह ‘स्पीडवे’ लगभग ₹13,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट को चार हिस्सों में बांटा गया है:

  1. अक्षरधाम से बागपत: यहाँ ट्रायल पहले ही शुरू हो चुका है।
  2. बागपत से सहारनपुर: फ्लाईओवर और अंडरपास का काम लगभग फाइनल है।
  3. सहारनपुर से देहरादून: यह हिस्सा सबसे चुनौतीपूर्ण था क्योंकि यह पहाड़ों और जंगलों से होकर गुजरता है।
  4. देहरादून शहर: यहाँ तकनीकी कारणों से जो देरी थी, उसे अब युद्धस्तर पर सुलझाया जा रहा है।

एशिया का सबसे बड़ा वन्यजीव कॉरिडोर है इसकी खासियत यह एक्सप्रेसवे सिर्फ रफ्तार के लिए नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए भी जाना जाएगा। इसमें 12 किलोमीटर लंबा एक ऊंचा (Elevated) वन्यजीव कॉरिडोर बनाया गया है। इसका मतलब है कि नीचे जंगल में जानवर आराम से घूम सकेंगे और ऊपर आप अपनी कार में फर्राटा भरेंगे। यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर फिलहाल 6 लेन का है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा।

सुरक्षा और सुविधाओं का रखा गया है खास ख्याल सफर के दौरान आपको थकान न हो, इसके लिए जगह-जगह आधुनिक विश्राम स्थल (Way-side Amenities), फ्यूल स्टेशन और इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि उद्घाटन से पहले हर एक इंच सड़क की सुरक्षा जांच की जाएगी ताकि यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास अनुभव मिले।

फरवरी से इस एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही न केवल पर्यटन को पंख लगेंगे, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच व्यापार करना भी बेहद आसान हो जाएगा। तो बस, अपनी गाड़ियों की सर्विस करा लीजिए, क्योंकि पहाड़ों का सफर अब बस एक ‘शॉर्ट ड्राइव’ जैसा होने वाला है!

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