Category: Daily Current Affairs News Analysis

जयपुर में राजस्थान रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 – भारत की AI लीडरशिप की नई शुरुआत!

भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियों के तहत राजस्थान रीजनल AI इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 6 जनवरी 2026 को जयपुर में होने जा रही है। ये कॉन्फ्रेंस एक महत्वपूर्ण रीजनल प्लेटफॉर्म बनेगी, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से गवर्नेंस रिफॉर्म, इकोनॉमिक ग्रोथ, इनोवेशन और इंक्लूसिव डेवलपमेंट को कैसे सपोर्ट किया जाए, इस पर गहन चर्चा होगी। रीजनल AI लीडरशिप का बड़ा मंच कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार और राजस्थान सरकार के सीनियर लीडरशिप एक साथ आएंगे। मुख्य पार्टिसिपेंट्स में अश्विनी वैष्णव, जितिन प्रसाद, भजन लाल शर्मा और राजयवर्धन राठौड़ शामिल हैं। सीनियर पॉलिसीमेकर्स की मौजूदगी भारत के डेवलपमेंट और गवर्नेंस एजेंडे में AI

Updated: January 6, 2026 — 12:25 am

गैलेक्सी फ्रॉग जैसे खूबसूरत मेंढक गायब – फोटोग्राफर्स की वजह से बड़ा खतरा

उंगली के पोर जितना छोटा गैलेक्सी फ्रॉग भारत के सबसे आकर्षक उभयचरों में से एक है। इसकी चमकदार काली त्वचा पर हल्के नीले धब्बे और नारंगी निशान तारे भरी रात के आकाश जैसे लगते हैं। केरल की वेस्टर्न घाट्स में पाया जाने वाला ये दुर्लभ मेंढक अब एक अनपेक्षित खतरे का शिकार हो रहा है – अनैतिक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी। गैलेक्सी फ्रॉग के बारे में गैलेक्सी फ्रॉग (Melanobatrachus indicus) को सबसे पहले 1878 में डिस्क्राइब किया गया, लेकिन इसका छिपकर रहने वाला स्वभाव की वजह से ये अभी भी कम स्टडी है। सिर्फ 2 से 3.5 सेमी का ये मेंढक वेस्टर्न

Updated: January 6, 2026 — 12:11 am

थैलेसीमिया के मरीजों के लिए पहली ओरल गोली को US FDA ने दी मंजूरी – अब नहीं पड़ेंगी बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन

अमेरिकी FDA ने मिटापिवाट (Aqvesme) को थैलेसीमिया की एनीमिया के लिए पहली ओरल पिल के रूप में अप्रूव किया। ये अल्फा या बीटा थैलेसीमिया के लिए काम करती है। ये रेड ब्लड सेल्स में एनर्जी बढ़ाती है, हीमोग्लोबिन लेवल सुधारती है और ट्रांसफ्यूजन की जरूरत कम करती है। पहले सिर्फ ब्लड ट्रांसफ्यूजन और आयरन चेलेशन थे। भारत में थैलेसीमिया के मरीज सबसे ज्यादा हैं, ये दवा जीवन गुणवत्ता सुधार सकती है। First oral pill for Thalassemia approved by US FDA

Updated: January 6, 2026 — 12:24 am

कर्नाटक ने रचा इतिहास: 2025 में रिकॉर्ड 198 अंगदाताओं ने दी हजारों को नई जिंदगी

कर्नाटक ने 2025 में अंगदान के क्षेत्र में कमाल कर दिखाया है। राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा सालाना अंगदान हुआ है, कुल 198 दाताओं के साथ। इससे न सिर्फ लोगों में जागरूकता बढ़ने का पता चलता है, बल्कि अस्पतालों और ट्रांसप्लांट टीमों के बीच बेहतरीन तालमेल भी दिखता है। ये बड़ी कामयाबी जीवसार्थकते (Jeevasarthakathe) की बदौलत मिली है, जो कर्नाटक की राज्य स्तर की अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संस्था (SOTTO) है। रिकॉर्ड तोड़ा और देश में तीसरा स्थान हासिल किया 2025 में 198 दाताओं के साथ कर्नाटक ने अपना पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। पहले 2023 में 178

Updated: January 5, 2026 — 12:14 am