उत्तर प्रदेश का बिजनौर जिला, जो अब तक अपनी ऐतिहासिक महत्ता और विदुर कुटी के लिए जाना जाता था, अब विश्व के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। वन विभाग ने शासन को एक महत्वाकांक्षी ‘ईको-टूरिज्म सर्किट’ का प्रस्ताव भेजा है, जो न केवल जिले की प्राकृतिक सुंदरता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई संजीवनी प्रदान करेगा। इस सर्किट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, हरेवली रामगंगा बैराज और बढ़ापुर के शांत ग्रामीण क्षेत्रों को एक सूत्र में पिरोएगा।
बिजनौर के डीएफओ जय सिंह कुशवाहा के अनुसार, इस परियोजना का मूल उद्देश्य पर्यटकों को केवल ‘सैर’ कराना नहीं, बल्कि उन्हें ‘अनुभव’ प्रदान करना है। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, जो जिम कॉर्बेट का एक विस्तार है, यहाँ बाघों और हाथियों की मौजूदगी पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। अब इसमें ‘विलेज टूरिज्म’ और ‘कैंपिंग’ का तड़का लगाया जाएगा। बढ़ापुर के सुदूर गांव, जो पहाड़ों की तलहटी में बसे हैं, वहां पर्यटकों के लिए फार्म हाउस में रुकने की व्यवस्था की जाएगी। इससे शहर की भागदौड़ से दूर प्रकृति की गोद में समय बिताने के शौकीन लोगों को एक नया गंतव्य मिलेगा।
हरेवली रामगंगा बैराज पर जल क्रीड़ा, साइकिलिंग ट्रैक और बर्ड वाचिंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहाँ मगरमच्छों और बारहसिंगा के साथ-साथ देशी-विदेशी पक्षियों का बसेरा पर्यटन का मुख्य केंद्र होगा। इस सर्किट के बनने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि पर्यटकों को बिजनौर में कम से कम एक रात रुकना होगा, जिससे होटल, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को भारी लाभ होगा।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: उत्तर प्रदेश के किस जिले में ‘अमानगढ़ टाइगर रिजर्व’ स्थित है जिसे ईको-टूरिज्म सर्किट में शामिल किया गया है? उत्तर: बिजनौर।
प्रश्न 2: बिजनौर ईको-टूरिज्म सर्किट के तहत किन साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है? उत्तर: कैंपिंग, साइकिलिंग, बर्ड वाचिंग और विलेज टूरिज्म।
प्रश्न 3: ‘हरेवली बैराज’, जो पर्यटन सर्किट का हिस्सा है, किस नदी पर स्थित है? उत्तर: रामगंगा नदी।
प्रश्न 4: बिजनौर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किन ऐतिहासिक स्थलों को प्राकृतिक स्थलों के साथ जोड़ने की योजना है? उत्तर: महात्मा विदुर की कुटिया और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व।
