बिहार सरकार ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री रोजगार सहायता योजना’ के तहत मिलने वाली ₹2 लाख की राशि के वितरण हेतु नई कार्ययोजना और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, यह राशि अब एकमुश्त न देकर चार चरणों में दी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूंजी का सही उपयोग व्यवसाय विस्तार में हो रहा है।
अंशदान और किस्तों का गणित:
योजना की खास बात यह है कि सहायता राशि के साथ महिला उद्यमी को अपना स्वयं का अंशदान भी जोड़ना होगा। उदाहरण के लिए, पहले चरण में ₹20,000 की सरकारी सहायता पर महिला को ₹5,000 अपनी ओर से लगाने होंगे। दूसरे चरण में ₹40,000 की राशि पर ₹10,000 का अंशदान अनिवार्य है। चौथे चरण की ₹60,000 की राशि मुख्य रूप से उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए दी जाएगी।
सख्त मानक और चयन प्रक्रिया:
राशि प्राप्त करने के लिए महिलाओं को ‘जीविका’ या स्वयं सहायता समूह (SHG) का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है। ग्राम संगठन (VO) महिलाओं के कार्य का मूल्यांकन करेगा। मुख्य शर्तों में समूह की बैठकों में नियमित भागीदारी, साप्ताहिक ₹10 की बचत, आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना और व्यवसाय योजना तैयार करना शामिल है। यदि 4-5 महिलाएं मिलकर सामूहिक व्यवसाय करती हैं, तो उन्हें विशेष प्रावधान के तहत एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है। अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती सहायता दी जा चुकी है, जबकि अगली किस्तों के लिए 19 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. मुख्यमंत्री रोजगार सहायता योजना के तहत महिलाओं को कुल कितनी सहायता राशि प्रदान की जाती है?
A) ₹1 लाख
B) ₹2 लाख
C) ₹5 लाख
D) ₹50,000
उत्तर: B) ₹2 लाख
व्याख्या: राज्य सरकार महिला उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने के लिए कुल ₹2,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
2. योजना के तहत दूसरे चरण में ₹40,000 की सहायता राशि मिलने पर महिला को कितना स्वयं का अंशदान करना होगा?
A) ₹5,000
B) ₹20,000
C) ₹10,000
D) ₹15,000
उत्तर: C) ₹10,000
व्याख्या: योजना के नियमों के अनुसार, प्रत्येक चरण में सहायता राशि का एक निश्चित हिस्सा उद्यमी को स्वयं निवेश करना पड़ता है।
3. सहायता राशि प्राप्त करने के लिए पात्रता का मूल्यांकन कौन सी संस्था करेगी?
A) नगर निगम
B) जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय
C) ग्राम संगठन (VO)
D) बैंक प्रबंधक
उत्तर: C) ग्राम संगठन (VO)
व्याख्या: ग्राम संगठन यह तय करेगा कि महिला निर्धारित मानकों (जैसे बैठक में उपस्थिति और बचत) पर खरी उतरी है या नहीं।
4. योजना के चौथे चरण की राशि का मुख्य उपयोग किस कार्य के लिए किया जाएगा?
A) कच्चा माल खरीदने के लिए
B) बिजली बिल भरने के लिए
C) मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए
D) मशीनरी की मरम्मत के लिए
उत्तर: C) मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के लिए
व्याख्या: चौथे चरण में ₹60,000 की राशि दी जाती है ताकि महिला अपने उत्पाद को बाजार में बेहतर तरीके से बेच सके और ब्रांड बना सके।
5. स्वयं सहायता समूह की बैठक में शामिल होने के अलावा महिलाओं के लिए कौन सी बचत शर्त अनिवार्य है?
A) हर महीने ₹1000 जमा करना
B) हर हफ्ते ₹10 का योगदान देना
C) साल में एक बार ₹5000 जमा करना
D) कोई बचत अनिवार्य नहीं है
उत्तर: B) हर हफ्ते ₹10 का योगदान देनाव्याख्या: नियमितता और अनुशासन बनाए रखने के लिए समूह में प्रति सप्ताह ₹10 का योगदान देना एक प्रमुख मानक है।
