बिहार में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार खबर है। अब आपको बस स्टैंड पर महंगे और अस्वास्थ्यकर खाने पर निर्भर नहीं रहना होगा। बिहार सरकार ने एक क्रांतिकारी पहल करते हुए राज्य के 19 प्रमुख बस डिपो पर ‘जीविका दीदी की रसोई’ (Jeevika Didi Ki Rasoi) शुरू करने का निर्णय लिया है। यह योजना न केवल यात्रियों को स्वच्छ और सस्ता भोजन देगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाएगी।
किफायती और पौष्टिक भोजन: परिवहन और ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से शुरू हो रही इस योजना में जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कैंटीन का संचालन करेंगी। भागलपुर, मुंगेर और जमुई सहित बिहार के महत्वपूर्ण शहरों को पहले चरण में शामिल किया गया है। यहाँ यात्रियों को मात्र 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में पूरी-सब्जी जैसे किफायती विकल्प मिलेंगे।
संभावित रेट लिस्ट (Menu & Rates): यात्रियों की सुविधा के लिए संभावित दरें इस प्रकार रखी गई हैं:
- जनता पूरी-सब्जी: ₹20
- लिट्टी-चोखा / आलू-सत्तू पराठा: ₹30
- रोटी-सब्जी: ₹35
- दाल-चावल: ₹40
- वेज पुलाव: ₹70
- चाय: ₹10
महिला सशक्तिकरण का मॉडल: भागलपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शांडिल्य के अनुसार, मुख्यालय से निर्देश मिलते ही जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह मॉडल पहले से ही बिहार के कई सरकारी अस्पतालों में सफल रहा है। अब बस डिपो पर इसकी शुरुआत से हजारों जीविका दीदियों को रोजगार मिलेगा और यात्रियों को ‘घर जैसा स्वाद’ और स्वच्छता का भरोसा मिलेगा।
शामिल शहर: पहले चरण में भागलपुर, बांकीपुर, आरा, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णिया और सहरसा सहित 19 प्रमुख केंद्रों को चुना गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Q&A)
प्रश्न 1: बिहार के बस डिपो पर स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए किस नाम से कैंटीन योजना शुरू की जा रही है? उत्तर: जीविका दीदी की रसोई (Jeevika Didi Ki Rasoi)।
प्रश्न 2: इस योजना का संचालन किनके द्वारा किया जाएगा? उत्तर: जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा।
प्रश्न 3: पहले चरण में बिहार के कितने प्रमुख बस डिपो को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है? उत्तर: 19 प्रमुख बस डिपो।
प्रश्न 4: यह योजना किन दो विभागों के समन्वय (Coordination) से चलाई जा रही है? उत्तर: परिवहन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग।
