बिहार के औरंगाबाद में एक दुर्लभ कानूनी घटनाक्रम में, सिविल जज डॉ. दीवान फहद की अदालत ने समाहरणालय (कलेक्ट्रेट भवन) को कुर्क करने का आदेश दिया है। यह मामला एक पुराने ‘इजराय वाद’ से जुड़ा है, जिसमें अधिवक्ता हरेकृष्ण प्रसाद की बकाया राशि का भुगतान बार-बार समय दिए जाने के बावजूद नहीं किया गया। न्यायालय ने इसे गंभीर मानते हुए कुर्की का आदेश दिया और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। यदि भुगतान नहीं हुआ, तो कलेक्ट्रेट की संपत्ति की नीलामी भी हो सकती है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:
प्रश्न: हाल ही में किस जिले की अदालत ने बकाया भुगतान न होने पर कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) को कुर्क करने का आदेश दिया?
- उत्तर: औरंगाबाद (बिहार)।
- व्याख्या: सिविल जज सीनियर डिवीजन डॉ. दीवान फहद की अदालत ने अधिवक्ता के बकाया भुगतान न किए जाने पर समाहरणालय भवन की कुर्की का आदेश दिया है।
