उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा केंद्र औली ने रविवार रात एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दूधिया रोशनी (Flood Lights) के बीच नाइट स्कीइंग का सफल आयोजन किया गया। विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता ने औली को यूरोप और अमेरिका के प्रसिद्ध स्की-रिसॉर्ट्स की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। आमतौर पर स्कीइंग केवल दिन की रोशनी में की जाती है, लेकिन औली के नंदा देवी स्लोप पर हुए इस आयोजन ने भारत में ‘नाइट लाइफ टूरिज्म’ और ‘एडवेंचर स्पोर्ट्स’ को नया आयाम दिया है। इसमें स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ देशभर के जांबाजों ने हिस्सा लिया। कड़ाके की ठंड और कटीली बर्फ के बीच फ्लड लाइट्स की रोशनी में ढलानों से उतरते स्कीयरों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य औली को केवल एक सीजनल डेस्टिनेशन न रखकर एक पूर्णकालिक अंतरराष्ट्रीय साहसिक केंद्र बनाना है, जिससे स्थानीय होटल व्यवसायियों और गाइडों की आय में वृद्धि होगी।
महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):
भारत में पहली बार ‘नाइट स्कीइंग’ (Night Skiing) का आयोजन कहाँ किया गया?
A) गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर)
B) औली (उत्तराखंड)
C) मनाली (हिमाचल प्रदेश)
D) तवांग (अरुणाचल प्रदेश)
उत्तर: B) औली (उत्तराखंड)
- व्याख्या: औली के नंदा देवी स्लोप पर भारत का पहला नाइट स्कीइंग इवेंट आयोजित कर नया रिकॉर्ड बनाया गया।
2. औली में आयोजित नाइट स्कीइंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A) केवल बिजली का परीक्षण करना
B) औली को वैश्विक स्तर पर ‘नाइट लाइफ टूरिज्म’ के लिए प्रतिष्ठित करना
C) केवल स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन
D) फिल्म की शूटिंग करना
उत्तर: B) औली को वैश्विक स्तर पर ‘नाइट लाइफ टूरिज्म’ के लिए प्रतिष्ठित करना
- व्याख्या: इसका मकसद विदेशी सैलानियों को आकर्षित करना और औली को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।
3. नाइट स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन किस संस्था द्वारा किया गया?
A) भारतीय ओलम्पिक संघ
B) विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
C) पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार
D) खेल प्राधिकरण (SAI)
उत्तर: B) विंटर गेम्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
- व्याख्या: इस संस्था के सफल प्रयासों से भारत में पहली बार फ्लड लाइट्स में स्कीइंग संभव हो सकी।
